Sunday, February 26, 2023

KVS RECRUITMENT 2022 NON - TEACHING STAFF ADMIT CARD

 HELLO FRIENDS,

                              KVS RECRUITMENT 2022 के अंदर भरे गए नॉन टीचिंग स्टाफ के  एडमिट कार्ड आ चुके है जिस  किसी ने भी फॉर्म भरे थे वो अपने एडमिट कार्ड नीचे दिए हुए लिंक से डाउनलोड कर ले

 

 परीक्षा तिथि - 20 से 26 मार्च 2022 तक 

SELECTION PROCESS - THREE STAGES FOR KVS EXAM 

  1. COMPUTER BASED EXAM 
  2. SKILL EXAM 
  3. DOCUMENTATION
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Sunday, June 13, 2021

Maharana Partap, महाराणा प्रताप ,महाराणा प्रताप निबंध या पैराग्राफ,महाराणा प्रताप के रोचक तथ्य


                                     महाराणा प्रताप जयंती  13 जून को मनाई जाती है 

हमारे भारत देश की भूमि पर बहुत से वीर और महान योद्धा हुए जिन्होंने अपनी मिट्टी के लिए अपने प्राण तक न्योछावर कर दिए पर अपना सर दुसरो के सामने कभी नहीं झुकाया और न ही उनकी अधीनता स्वीकार की।
ऐसे ही महान योद्धा थे महाराणा प्रताप, जी हा दोस्तों महाराणा प्रताप तो आज बात करेंगे महाराणा प्रताप के बारे
 में ।

महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई, 1540 ईस्वी को राजस्थान के कुंभलगढ़ दुर्ग में हुआ था।उनके पिता महाराजा उदयसिंह और माता राणी जीवत कंवर थीं। वे राणा सांगा के पौत्र थे। महाराणा प्रताप को बचपन में सभी 'कीका' नाम लेकर पुकारा करते थे। महाराणा प्रताप की जयंती विक्रमी संवत कैलेंडर के अनुसार प्रतिवर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाई जाती है।

राणा उदय सिंह की दूसरी पत्नी का नाम धीराबाई था, जिन्हें रानी भटियाणी के नाम से भी जाना जाता था तथा इनके पुत्र का नाम कुंवर जगमाल था। रानी धीराबाई अपने पुत्र कुंवर जगमाल को मेवाड़ का उत्तराधिकारी बनाना चाहती थी। लेकिन महाराणा प्रताप के उत्तराधिकारी हो जाने पर उनके विरोध में आ गए थे और जगमाल अकबर से जाकर मिल गया था।

महाराणा प्रताप ने 11 शादियां की थी उनकी पत्नियों और पुत्र पुत्रियों के नाम-:

महारानी अजब्दे पवार- अमर सिंह और भगवान दास
अमर बाई राठौर- नत्था
शहमति बाई हाडा- पुरा
आलम दे बाई चौहान- जसवंत सिंह
रत्नावती बाई परमार- माल, गज
लखाबाई- राय भाना
जसो बाई चौहान- कल्याण दास
चंपा बाई जन्थी- कल्ला सनवाल दास और दुर्जन सिंह
सोलंखिनी पुर बाई- सासा और गोपाल
फूल बाई राठौर- चंदा और शिखा
खिचर आशाबाई- हत्थी और राम सिंह

महाराणा प्रताप ने भगवान एकलिंग की सौगंध खाकर प्रतिज्ञा ली थी कि जिंदगी भर उनके मुख से अकबर के लिए सिर्फ तर्क ही निकलेगा। और वह कभी अकबर को अपना राजा नहीं स्वीकार करेंगे।

महाराणा प्रताप का सबसे प्रिय घोड़ा चेतक था। जो महाराणा प्रताप की तरह काफी बहादुर था। युद्ध के दौरान जब मुगल सेना उनके पीछे थी तब चेतक ने महाराणा प्रताप को अपने पीठ पर बिठाकर कई फीट लंबे नाले को पार किया था। परंतु अंत में गंभीर रूप से घायल होने के कारण चेतक मारा गया था। चित्तौड़ में आज भी चेतक की समाधि बनी हुई है।

महाराणा प्रताप का राज्याभिषेक गोगुंदा में हुआ था। महाराणा प्रताप के पिता उदय सिंह अकबर के डर के कारण मेवाड़ त्याग कर अरावली पर्वत पर डेरा डाल लिया था। और उदयपुर को नई राजधानी बनाया एवं मेवाड़ भी उन्हीं के अधीन था। महाराणा उदय सिंह ने अपने छोटे बेटे जगमाल को मेवाड़ का उत्तराधिकारी बना दिया जिसकी वजह से मेवाड़ की जनता उनके विरोध में आ गई क्योंकि प्रजा तो महाराणा प्रताप सिंह को पसंद करती थी।

जगमाल ने राज्य का शासन हाथ में लेते ही घमंड के कारण प्रजा पर अत्याचार करना शुरू कर दिया। यह सब देखकर महाराणा प्रताप जगमाल को समझाने का प्रयास किया कि अत्याचार करके प्रजा को परेशान मत करो। इस राज्य का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।

परंतु जगमाल को यह बात अपनी शान के खिलाफ लगा इसी कारण जगमाल ने महाराणा प्रताप सिंह को राज्य की सीमा से बाहर चले जाने का आदेश दे दिया। महाराणा प्रताप अपने घोड़े चेतक के साथ वहां से चले गए।

राजसमंद के हल्दी घाटी गांव में चेतक की समाधि बनी हुई है, जहाँ स्वयं प्रताप और उनके भाई शक्तिसिंह ने अपने हाथों से इस अश्व का दाह-संस्कार किया था। चेतक की स्वामिभक्ति पर बने कुछ लोकगीत मेवाड़ में आज भी गाये जाते हैं।




मुगल सम्राट अकबर बिना युद्ध के ही महाराणा प्रताप को अपने अधीन करना चाहता था। इसीलिए अकबर ने महाराणा प्रताप को समझाने के लिए राजपूतों को उनके पास भेजा लेकिन महाराणा प्रताप ने अकबर के प्रस्ताव को इनकार कर दिया। जिसका परिणाम स्वरूप हल्दीघाटी के ऐतिहासिक युद्ध को देखने को मिला।

हल्दीघाटी का युद्ध अकबर और महाराणा प्रताप के बीच 18 जून सन् 1576 को हुआ था। यह युद्ध महाभारत के युद्ध की तरह भयानक और विनाशकारी था। इस युद्ध में न तो अकबर जीत सका और ना ही महाराणा प्रताप। क्योंकि मुगलों के पास सैन्य शक्ति अधिक थी और महाराणा प्रताप के पास जुझारू शक्ति की कमी नहीं थी।

हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप के पास सिर्फ 20000 सैनिक थे। और अकबर के पास पचासी हजार सैनिक थे। फिर भी महाराणा प्रताप ने हार नहीं मानी और संघर्ष करते रहे।

महाराणा प्रताप का कवच 72 किलोग्राम और भाला 81 किलोग्राम का था। उनका भाला, कवच, ढाल और तलवार का वजन कुल मिलाकर 208 किलोग्राम का था। महाराणा उदयसिंह की मृत्यु के बाद में मेवाड़ के सभी सरदारों ने एकत्रित होकर महाराणा प्रताप सिंह को राजगद्दी पर बैठा दिया।

राजस्थान के इतिहास में सन् 1582 में दिवेर छापली छापली का युद्ध एक महत्वपूर्ण युद्ध माना जाता है क्योंकि इस युद्ध में महाराणा प्रताप के खोए हुए राज्य पुनः प्राप्त हुए थे। तथा महाराणा प्रताप सिंह और मुगलों के बीच एक बहुत लंबा संघर्ष युद्ध के रूप में हुआ था।

महाराणा प्रताप का सबसे बड़ा शत्रु अकबर था। परंतु इन दोनों की लड़ाई कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं थी। जबकि यह लड़ाई उनके अपने सिद्धांतों और मूल्यों की थी। अकबर अपने राज्य का विस्तार करना चाहता था जबकि महाराणा प्रताप अपने मातृभूमि की स्वाधीनता के लिए संघर्ष  कर रहा था।


महाराणा प्रताप की मृत्यु पर अकबर बहुत दुखी हुआ था। क्योंकि वह मन से महाराणा प्रताप के गुणों की प्रशंसा करता था। और वह यह भी कहता था कि महाराणा प्रताप जैसा वीर इस धरती पर दूसरा नहीं है। महाराणा प्रताप की मृत्यु का समाचार सुनकर अकबर महान हो गया था। और उसकी आंखों में आंसू भर आए थे।

अकबर महाराणा प्रताप का सबसे बड़ा शत्रु था, पर उनकी यह लड़ाई कोई व्यक्तिगत द्वेष का परिणाम नहीं थी, बल्कि अपने सिद्धान्तों और मूल्यों की लड़ाई थी। एक वह था जो अपने क्रूर साम्राज्य का विस्तार करना चाहता था, जब की एक तरफ महाराणा प्रताप जी थे जो अपनी भारत मातृभूमि की स्वाधीनता के लिए संघर्ष कर रहे थे। महाराणा प्रताप की मृत्यु 19 जनवरी 1597 (उम्र 56) चावण्ड, मेवाड़ (वर्तमान में:चावंड, उदयपुर जिला, राजस्थान, भारत) में हुई जिस पर अकबर को बहुत दुःख हुआ क्योंकि ह्रदय से वो महाराणा प्रताप के गुणों का प्रशंसक था और अकबर जनता था की महाराणा प्रतात जैसा वीर कोई नहीं है इस धरती पर। यह समाचार सुन अकबर रहस्यमय तरीके से मौन हो गया और उसकी आँख में आँसू आ गए।

महाराणा प्रताप के स्वर्गावसान के समय अकबर लाहौर में था और वहीं उसे सूचना मिली कि महाराणा प्रताप की मृत्यु हो गई है।







Sunday, May 23, 2021

Important National and International Day in May ,राष्ट्रीय और अन्तराष्ट्रीय दिवस ,

                 मई महा के राष्ट्रीय और अन्तराष्ट्रीय  दिवस 

1st May                    अन्तराष्ट्रीय शार्मिक दिवस , महाराष्ट्र दिवस 

3rd May                    विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस

8th May                     विश्व प्रवासी पक्षी दिवस , विश्व रेड क्रॉस दिवस 

11th May                   राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 

 
12th May                   विश्व नर्स दिवस         



15th May                   विश्व परिवार दिवस 

17th May                   विश्व दूरसंचार दिवस

18th May                   विश्व संग्रहालय दिवस
 
21st May                    राष्ट्रीय आतंकवादी विरोधी दिवस

29th May                  अंतराष्ट्रीय माउन्ट एवेरेस्ट दिवस


31st May                   विश्व तम्बाकू रोधी दिवस

Friday, March 27, 2020

Tenses , Present tense

Tense
Tenses are mainly of three types 
1. Present tense
2. Past tense
3. Future tense

   1. Present tense(वर्तमान काल )
a) Present indefinite tense : 
              पहचान : ता है , ती है , ते है। 
          नियम :  Subject + Vके साथ s या es + object.
           He, She , It या एकवचन कर्ता के साथ  s या es लगाए। 
जैसे : 
                He goes to school.
                I we they go to school. 
Negative sentences में do और does का प्रयोग करते है।  
            does not का प्रयोग एकवचन कर्ता के साथ और 
            do not का प्रयोग बहुवचन कर्ता के साथ करते है।  
जैसे : 
                  He does not go to school . 
                  They don't go to school .
Interrogative sentences :
                  Does he go to school . 
                  Do they go to school. 
                  Does he not go to school.

b)  Present continuous tense :
                  पहचान : रहा है ,रहे है , रही है। 
            नियम :  Subject + is/am/are +V1  के साथ ing + Object . 
             He, She ,It के साथ is 
             You , we , they के साथ are और I के साथ am लगाया जाता है।  
जैसे : 
                   He is playing football . 
                   I am going to school. 
                   He is not playing football. 
                   Is he playing football. 
                   Am i not going to school . 

c) Present perfect tense : इसमें कार्य समाप्त हो चूका होता है।  
                  पहचान : चुका है , चुके है , चुकी है।  
             नियम :  Subject + has/have + V+ object. 
             Has एकवचन के साथ और Have बहुवचन के साथ। 
जैसे : 
                    He has gone to Delhi. 
                    He has not written a letter . 
                    Has he gone to Delhi. 
d) Present perfect continuous tense : इसमें कोई कार्य भूतकाल में शुरू हुआ था और वो अब भी चल रहा है।  
                     पहचान : समय से रहा है , रहे है ,  रही है।  
              नियम :  Subject + has been /have been + V1+ ing + Object +Since/for
  जैसे : 
                      They have been playing cricket since Sunday. 
                       I have been reading since Morning. 
                       

Note :  
  • Since का प्रयोग निस्चित समय के लिए जैसे evening , morning , After noon , night और कोई निस्चित तिथि जैसे 12/03/2020  या कोई निश्चित वर्ष हो जैसे - 1993 , 1996 या कोई वर्ष का महीना हो जैसे जनवरी , फरवरी या कोई दिन हो जैसे सोमवार , रविवार आदि। 
  • For का प्रयोग अनिश्चित समय के लिए जैसे - five minutes, thirty seconds ,  ten year , one week , two hour, six months. 


                                                                                 to be continue..............................
 


                








Thursday, March 26, 2020

भारत के प्रथम राष्ट्रपति , वर्तमान राष्ट्रपति , कार्यवाहक राष्ट्रपति

 हमारे देश के प्रथम राष्ट्रपति से लेकर वर्तमान राष्ट्रपति 

1. राजेंदर प्रसाद :  (कार्यकाल :   1952 -  62)

  • हमारे देश के प्रथम राष्ट्रपति थे। 
  • सबसे लम्बा कार्यकाल (10 वर्ष ) इन्ही का था।  
  • एक मात्र राष्ट्रपति जिन्होंने 3 बार सपथ ली।  
2. सर्वप्ली राधा कृष्णन : ( कार्यकाल :1962- 67 )
  • पहले गेर-राजनितिक राष्ट्रपति थे।  
  • इन्हें भारत रत्न से समानित किया गया था।  
  • भारत - चीन युद्ध (1962) इन्ही के कार्यकाल में हुआ था।
3. डॉ. जाकिर हुसेन : (कार्यकाल : 1967-69)


  • भारत के प्रथम मुस्लिम राष्ट्रपति थे।  
  • प्रथम राष्ट्रपति जिनकी मृत्यु कार्यकाल में हुई। 
4. वी. वी. गिरी (प्रथम  कार्यवाहक राष्ट्रपति )

5. एम. हिदायतुल्हा 

  •  इनका पूरा नाम मोहम्द हिदायतुल्हा था।  
  • भारत के एकमात्र सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य नयायधीश जो राष्ट्रपति बने। 
6. वी. वी. गिरी (कार्यकाल : 1969 -74 )


  • इनका पूरा नाम वराहगिरी वेंकटगिरि था।  
  • एकमात्र ऐसे रास्ट्रपति जिनके निर्वाचन में द्वितय चक्र की मतगणना करनी पड़ी।  


  • 7. फकरूदीन अहमद  ( 1974 - 77 )
    • भारत के द्वितय मुस्लिम राष्ट्रपति थे। 
    • 1975 में आंतरिक अशांति के कारन आपातकाल लगाया गया।  
    • इनकी मृत्यु भी कार्यकाल के दौरान ही हुई थी।  
    8. बी. डी. जत्ती  (दूसरे कार्यवाहक राष्ट्रपति )
    • इनका पूरा नाम बसप्पा दनप्पा जत्ती था। 
    • कार्यवाहक के रूप में इनका सबसे लम्बा कार्यकाल था। 
    9. नीलम संजीव रेडी (1977 - 82 )
    • सबसे  कम उम्र में राष्ट्रपति बनने वाले व्यक्ति थे।  
    •  राष्ट्रपति बनने से पहले लोकसभा के अध्यक्ष रह चुके थे। 
    • पहले राष्ट्रपति जो निर्विरोध निर्वाचित हुए।  
    10. सरदार ज्ञानी जेल सिंह (1982 - 87 )
    • भारत के प्रथम सिख राष्ट्रपति जो कम पढ़े लिखे थे।  
    • राष्ट्रपति से पहले  पंजाब के मुख्य मंत्री थे।  
    • ऑपरेशन ब्लू स्टार (1984 ) इन्ही के कार्यकाल में हुआ था। 
    • जेबी वीटो का प्रयोग करने वाले प्रथम राष्ट्रपति थे।  
    11. रामास्वामी विकटम ( 1987 - 92 )
    • राधास्वामी वेंकटरमन 
    • सबसे ज्यादा आयु के राष्ट्रपति थे। 
    • निलबनकारी  वीटो का प्रयोग करने वाले राष्ट्रपति। 
    12. शंकर दयाल शर्मा ( 1992 - 97 )
    13. के. आर. नारायणन ( 1997 -2002 )
    • भारत के प्रथम दलित राष्ट्रपति थे।  
    • इनका पूरा नाम कोचेरिल रामन नारायणन था। 
    14. डॉ. ऐ. पी. जे. अब्दुल कलाम (2002 - 07 )
    • गैर राजनितिक राष्ट्रपति 
    • इनका पूरा नाम अबुल फाकिर जैनुलाबदीन अब्दुल कलाम था।  
    • इन्हे मिसाइल मैन के नाम से भी जाना जाता है।  
    15. डॉ. प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ( 2007 -12 )
    • भारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति। 
    16. प्रणब मुख़र्जी (2012 - 17 )
    17. रामनाथ कोविंद (2017 .........
     
    •  भारत के वर्तमान चोदवे राष्ट्रपति और द्वितय दलित राष्ट्रपति है।  



    अंत में आपके लिए एक प्रश्न 
    प्रश्न-भारत के पहले गैर-राजनैतिक राष्ट्रपति कौन थे ?


    धन्यवाद दोस्तों 
    प्रश्न का उत्तर देने के लिए कमेंट करे और लाइक करे।  और आपको कोई सुझाव  हो तो भी कृपया  कमेंट करके जरूर बताये।  





                                                                                                                                                                 

           














      Monday, October 7, 2019

      पुलिस रैंक , सब इंस्पेक्टर , DGP ki full form , DIG ki full form , sp ki full form , dsp ki full form , asi ki full form

      नमस्कार दोस्तों ,
                          दोस्तो आज हम पुलिस रैंक के बारे में बाते करेंगे।  क्युकी कई बार हम जब किसी पुलिस अधिकारी को कही पर देखते है तो हमारा ध्यान उनके कंधो पर लगे स्टार की तरफ जाता है। हम उस वक्त सोचते है की उन स्टार का क्या मतलब है और वो क्यों लगाए जाते है।   इन स्टार से आप उन पुलिस अधिकारीयों के रैंक के बारे में जान सकते है या उनके पद के बारे में जान सकते है जैसा की हम कई बार कंधो पर दो स्टार लगे अधिकारी को देखते है तो इससे हम अनुमान लगते लगाते  है की वह सब इंस्पेक्टर है।  इसी तरह आज हम सभी पुलिस अधिकारीयों की रैंक देखेंगे।

      राज्य में  पुलिस अधिकारीयों की रैंक

      1.   DGP        - Director  general of police               
                                                             

      2.   ADGP      - Additional director general of police

      3.   IGP          - Inspector general of police

      4.   DIG         - Deputy inspector general of police
      5.   SP            -  Superintendent Of police


      6.   ASP         - Assistant superintendent of police


      7.   DSP         - Deputy superintendent of police


      8.   I               - Inspector of police

      9.   SI             - Sub inspector of police


      10. ASI          - Assistant sub inspector


      11. HC           - Head constable


                                                                                                                                                                                    12      Senior constable



      13.     Constable 


      Tuesday, February 19, 2019

      मस्तिष्क की संरचना एवं कार्य(Human brain)

       मस्तिष्क 


      मस्तिष्क  हमारे शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है, जो की खोपड़ी के अंदर कपाल (skull ) में स्तिथ होता है। मस्तिष्क  का भार लगभग 3 पोंड (1300 - 1400 g ) होता है।  

                  मस्तिष्क के प्रमुख भाग (parts of brain )

            मस्तिष्क को तीन भागो में बाटा  जाता है-
      1.  अग्र मस्तिष्क (Fore Brain)
      2.  मध्य मस्तिष्क (Mid Brain)
      3.  पश्चमस्तिष्क (Hind Brain)
       1.   अग्र मस्तिष्क (Fore Brain )-
           Cerebrum   -  यह मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग      होता है।   
      (a)    सेरीब्रम के कार्य -
              किसी बात को सोचने समझने की शक्ति 
              याद रखने की शक्ति 
              सुघने की शक्ति 

















         Cerebrum को चार भागो में बाटा गया है  


       
      1. Frontal lobe     :    It is associated with parts of speech, planning, reasoning, problem-solving and movement.
      2. Parietal lobe     :    Helps in movement , the perception of stimuli and orientation.
      3. Occipital lobe   :  Related to visual processing.
      4. Temporal lobe  :  Related to perception and   recognition of memory, auditory stimuli , and speech

       (b) Thalamus - यह अग्रमस्तिष्क का दूसरा भाग होता है। इस भाग के अंदर दर्द , ठंडा या गर्म को पहचानने का कार्य  होता है। 
       (c) Hypothalmus अन्तः स्त्रावी ग्रंथियों से निकलने वाले हार्मोन पर नियंत्रण रखता है।  भूख ,प्यास , भावनाये, ब्लड प्रेशर , और ताप पर नियंत्रण इसी भाग के द्वारा ही होता है।
      2   मध्य मस्तिष्क (Mid Brain) -
                   Corpora quadrigemina  मध्य मस्तिष्क का महत्वपूर्ण भाग होता है। मस्तिष्क का यह भाग  देखने सुनने की शक्ति को नियंत्रित करता है।  

      3  पश्चमस्तिष्क (Hind Brain) - Hind Brain के मुख्य्तय दो भाग होते है।
                         1  Cerebelum
                         2  Medulla oblongata
               
                                                

          1  Cerebelum - मस्तिष्क का इस भाग का काम              शरीर  का संतुलन बनाये रखना है।

          2  Medulla oblongata  - यह मस्तिष्क का सबसे            पीछे वाला भाग होता है। इसका मुख्य कार्य हार्ट           बीट , ब्लड प्रेशर , सवसन को नियंरण करना है।







       19 मार्च , 2025  राम राम मेरे सभी दोस्तों को , आज इन्टरनेट का जमाना है बच्चा बच्चा जानता है इन्टनेट चलाना ऑनलाइन पेमेंट कैसे करते है ऑनलाइन...